* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।
मिट्टी के बर्तन में जौ के बीज बोएं और नवमी तक प्रति दिन पानी का छिड़काव करें।
इस तरह नवरात्रि के पूरे दिनों में मां की आराधना करें।
मंत्र : ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा
शनिवार से गुप्त नवरात्रि, कैसे करें पूजा, जानें विधि और पूजन सामग्री
व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।
मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:।
* काली के पूजक पर काले जादू, टोने-टोटकों का प्रभाव नहीं पड़ता।
दुर्गा सप्तशती, देवी स्तोत्र या महालक्ष्मी मंत्र का पाठ करें।
मंत्र साधना: साधक अपनी साधना के अनुसार गुरु से प्राप्त मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
चार वीर भैरों चौरासी, चार बत्ती पूजूं पान ए मिठाई,
भुवनेश्वरी : ॐ ह्रीं श्रीं read more क्लीं ऐं सौ: भुवनेश्वर्ये नम: या ह्रीं।
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* बिजनेस आदि में आ रही परेशानियों को दूर करती हैं।
* हर तरह की बुरी आत्माओं से माता काली रक्षा करती हैं।